एडिसन का जीवन|Edison jeevan in hindi

Edison jeevan in hindi
एडिसन के बारे में पूरी जानकारी, संघर्ष, प्राप्त अवार्ड और अन्य जानकारी  | Edison ke bare mai puri jaankari, sanghrash, prapt award, or anay jaankari 
 
 
एडिसन एक ऐसा शख्स है|जिसने अन्धकार को प्रकाश में बदला है| बल्ब का अविष्कार कियादुनिया का शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगाया भविष्य में कोई ऐसा आएगाजो की इस नाम से परिचित न होआज हम आपको इस पोस्ट में इनके बारे में पूरी जानकारी देंगेये अमेरिका के महान वैज्ञानिक और एक व्यवसायी थेइन्होने ने फोनोग्राफमोशन पिक्चर कैमराइलेक्ट्रिक बल्ब की खोज कीएडिसन सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक लाइट बल्ब से प्रसिद्ध हैये बड़े पैमाने पर उत्पादन और बड़े पैमाने पर टीमवर्क को सिद्धांत को लागू करने वाले पहले आविष्कारकों में से एक थेइनके नाम पर लगभग 1093 अमेरिकी पेटेंट थेऔर इसके अलावा अन्य देशो में भी इनके पेटेंट थेजैसा की हम सभी जानते हैकी एडिसन ने बल्ब की खोज की हैलेकिन ऐसा नही हैइन्होंने एक काफी बडा व्यापार भी शुरू किया था|
 
 

नाम – थॉमस अल्वा एडिसन

Edison jeevan in hindi
जन्म – 11 फरवरी 1847 को,
 
जन्म स्थान – मिलानअमेरिका में
 
मृत्य – 18 अक्टूबर 1931 को
 
मृत्यु स्थान – ऑर्गेन के वेस्ट ऑरेंज में ल्लेवेलिन पार्क में ग्लेनमोंट में,
 
पिता – सैमुअल ओग्डेन एडिसन
 
माता – नैन्सी मैथ्यूज इलियट
 
व्यवसाय – वैज्ञानिक और व्यवसायी
 
Hobby – किताबे पढनापरिवार के साथ   
 
पत्नी – मैरी स्टाइलवेलमीना मिलर 
 
बच्चे – 6
 
   मैरियन एस्टेल 
 
       थॉमस अल्वा एडिसन जूनियर
 
       विलियम लेस्ली 
 
       मेडलेन 
 
       चार्ल्स 
 
       थिओडोर मिलर 
 
 

बचपन और युवावस्था

थॉमस अल्वा एडिसन का जन्म 1847 में मिलानओहियोमे हुआ थाये अपने माता पिता की सातवें और आखिरी बच्चे थे|ये पोर्ट हूरॉन ,मिशिगन में बड़े हुएये अपनी पढाई भी पूरी नही कर पाए थेक्योकि ये अपनी क्लास में अपनी अध्यापिका से ज्यादा प्रश्न पूछते थेजिसकी वजह से इनको स्कूल मूर्ख कह-कर निकाल दिया गया था|इन्होने ने लगभग महीने ही स्कूल में पढाई की थीइसके बाद इनकी माँ ने ही एडिसन को घर पर पढ़ायाबचपन से एडिसन ने में ही एडिसन ने ट्रेनों पर कैंडीसमाचार पत्रऔर सब्जियों को बेचने का काम कियासन 1863 में एक टेलीग्राफ ऑपरेटर के लिए भी काम कियाएडिसन ने जब तक ट्रेनों में काम किया उसके साथ ही ट्रेनों में प्रयोग भी किएसन 1866 में एडिसन ने लगभग एक साल तक एक कर्मचारी के रूप में काम कियाएडिसन का पहला पेटेंट इलेक्ट्रिक वोट रिकॉर्डरके लिए था|



 संघर्षऔर असफलता से सफलता तक

एडिसन जब न्यूयार्क में रहते थेतब एडिसन ने वहाँ पर रहते हुए सन 1877 में फ़ोनोग्राफ बनाया थाइसके बाद एडिसन काफी ज्यादा मशहूर हो गए थेऔर एडिसन उस समय “मेन्लो पार्क का जादूगर के रूप में जाना जाता है| 1878 में एडिसन ने फोनोग्राफ का पेटेंट प्राप्त किया था| 1876 में एडिसन ने एक प्रयोगशाला का निर्माण किया थाविलियम जोसेफ ने हैमर ने एडिसन की प्रयोगशाला काफी ज्यादा मदद की थीऔर धीरे – धीरे एडिसन ने अपनी प्रयोगशाला को काफी बडा कर लिया थावे चहाते थेकी उनकी प्रयोगशाला में हर प्रकार की वस्तुयें होऔर लगभग एडिसन ने काफी ज्यादा वस्तुयें अपनी प्रयोगशाला रखी हुयी थीऔर एडिसन ने लगभग 1,000 से भी ज्यादा पेटेंट ले रखे थेकई प्रयोग के असफल हो जाने बाद आखिरकार 1879 में प्रकाश बल्ब मॉडल प्रदर्शित किया थाएडिसन ने फ्लोरोस्कोप में भी काफी ज्यादा सहयोग दिया थालेकिन किसी कारणवश इस प्रयोग को स्थागित कर दिया गया थाइन्होंने टेलीग्राफ ऑपरेटर के रूप में भी काफी ज्यादा काम किया थाजिसकी वजह से इन्होंने अपने टेलीग्राफ के ज्ञान का इस्तेमाल कियाऔर इन्हें  9 अगस्त 1892 को टेलीग्राफ के लिए भी पेटेंट मिला थाऔर इसके बाद इन्होंने किनेटोग्राफ का भी पेटेंट प्राप्त किया थाये म्युटोस्कोप कम्पनी के शेयरधारक भी रहेइनका खुद का एक फिल्म स्टूडियो थाऔर इस स्टूडियो में लगभग 1,200 फ़िल्में बनी थीसन 1915 में प्रथम विश्व युध्द के दौरान एडिसन ने अमेरिकी नौसेना परामर्श बोर्ड की अध्यक्षता की थीइस प्रकार हम कह सकते हैकी इन्होंने अपने जीवनकाल में काफी ज्यादा कडी मेहनत की है|
 
 


 
परिवारिक जीवन
25 दिसम्बर, 1871 को चौबीस वर्ष की उम्र मेंएडिसन ने मैरी स्टाइलवेल से शादी की थीमैरी स्टाइलवेल के तीन बच्चे मैरियन एस्टेल थॉमस अल्वा एडिसन जूनियरऔर विलियम लेस्ली था| 9 अगस्त 1884 को मैरी स्टाइलवेल की मृत्यु मस्तिष्क ट्यूमर के कारण हो गई थीइसके बाद एडिसन ने 24 फरवरी, 1886 को 39 साल की उम्र में मीना मिलर से शादी कीशादी के समय मीना मिलर की उम्र मात्र 20 साल की थीमीना मिलर से एडिसन को तीन बच्चे मेडलेनचार्ल्सथियोडोर मिलरहुएएडिसन को खाली समय में प्रयोगशाला में अपने परिवार के समय बिताना काफी ज्यादा अच्छा लगता थाअंतिम समय में थॉमस अल्वा एडिसन को मधुमेह की बीमारी हो गई थीअत्याधिक मधुमेह हो जाने के कारण इनका 18 अक्टूबर, 1931 को निधन हो गया था|

 
 
प्राप्त अवार्ड

1.  1879 में इनको सेना में चेवलियर पद से सम्मानित किया गया|





 
2.  1881 को लीजियन ऑफ़ ऑनर के पद से सम्मानित किया गया था|



 
 
3.  1899 में इनको फ्रैंकलिन संस्थान के द्वारा एडवर्ड लॉन्गस्ट्रेथ पदक से सम्मानित किया गया था|




 
4.  1908 में इनको जॉन फ्रित्ज पदक से सम्मानित किया गया था|
 

 

 

5.  1915 मेंइनको  फ्रैंकलिन इंस्टीटयूट के द्वारा फ्रेंकलिन अवार्ड से सम्मानित किया गया था|






6.  1920 में इनको नौसेना प्रतिष्ठित सेवा पदक से सम्मानित किया गया था|
 
 
7.  1928 में इनको कांग्रेस के स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया था|

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8.  2010 में इनको  तकनीकी ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित किया गया था|

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